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हिन्दुस्तान का इतिहास-.धर्म, आध्यात्म, संस्कृति - व अन्य हमारे विचार जो आप के लिए है !

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01 April 2015

इण्डिया बोलने से पहले विचारे करे ...

मेरा देश भारत है , हिन्दुस्तान है।   क्या अर्थ है इण्डिया का..............
ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम से इस भू-भाग का नाम भारत-वर्ष पड़ा।

प्राचीन ऋषियों ने हिन्दुस्तान का नाम दिया। जिसका उल्लेख  "वृहस्पती आगम"  में है  मुगल काल के अंत तक आैर अंग्रजो के भागने तक इस देश को हिन्दुस्तान के नाम से जाना जाता रहा। परन्तु अब हमारे ही देश के चंद अंग्रेज भक्तो ने इसे इंडिया बना दिया बडे खेद की बात है।

भारत के इंडिया शब्द का प्रयोग स्पष्ट करता है की भले ही अंग्रेजो की गुलामी से हम स्वतंत्र हो गए हैं, पर मानसिक दासता से अभी भी मुक्त नहीं हो सके हैं।

किसी भी देश के तीन नाम नहीं है, आैर न देश के नाम बदले गये है।

भारत को ही English में India क्यों कहते हैं?

Oxford Dictionary  के पृष्ठ नं० 789 पर लिखा है Indian जिसका मतलब ये बताया है old-fashioned & criminal peoples अर्थात् पिछडे और घिसे-पिटे विचारों वाले अपराधी लोग।

इण्डियन शब्द को अंग्रजो ने इडियट शब्द से बनाया है। इण्डिया का अर्थ हुआ असभ्य और अपराधी लोगों का देश। 

ब्रिटीश ने जहा भी हुकुमत की वहा इंडियन शब्द का प्रयोग किया है -  उदा. -   रेड इंडियन  अमेरिका के आदिवासी कबीले को कहा जाता है। 

भारत आैर हिन्दुस्तान नाम हमारे देश में स्वीकार किया जाता है, विभिन्न सरकारी और सामाजिक क्षेत्रों, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्यूँ नहीं ?
  1. जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता (ना की ‘इंडिया )
  2. सर्वोच्च नागरिक सम्मान, जो हमारे देश में दिया जाता है: “भारत रत्न” है     (ना की ‘इंडिया रत्न’)
  3. हमारे क्रांतीकारीयों ने हिन्दुस्तान आजाद करने का स्वपन देखा था न की इंडिया को आजाद करने का।
  4. कहा जाता है हिन्दूस्तान जिन्दाबाद न की इंडिया जिन्दाबाद।
  5. हम कहते हैं “भारत माता की जय” (ना की इंडिया माता की जय)
आजादी मिलते ही हमारे उपर इंडिया लाद दिया।
संविधान बहार के 9 देशो से कापी कर लिखा गया न की खुद के दिमाग से।

दुखद है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यहाँ अनेक प्रांतों और शहरों के नाम तो बदले, किंतु देश का नाम यथावत विकृत बना हुआ है।
समय आ गया है कि जिन लोगों ने 
त्रिवेन्द्रम’ को तिरुअनंतपुरम्, 
मद्रास’ को चेन्नई ,
बोंबे’ को मुंबई, 
कैलकटा’ को कोलकाता 
बैंगलोर’ को बंगलूरू, 
उड़ीसा’ को ओडिसा 

आदि पुनर्नामांकित करना जरूरी समझा –  उन सब को मिल-जुल कर अब ‘इंडिया’ शब्द को विस्थापित कर भारतवर्ष कर देना चाहिए। क्योंकि यह वह शब्द है जो हमें पददलित करने और दास बनाने वाली संस्था ने हम पर थोपा था।
आने वाली आप की पीढीया जब आप से पुछेगी तो आप उन को क्या जवाब देगे।


आप सभी से निवेदन है की आपने आप को  हिन्दुस्तानी या भारतीय कहलवाये।

                                                            पढे
                                         
                                                             हिन्दुस्तान,भारत,इंडिया क्या नाम है मेरे इस देशा का
                                                                     भारत: हिन्दुस्तान: इण्डिया






7 comments:

  1. श्री मान जी ॐ शान्ति ,आपने इंडिया का तो सही अर्थ बता दिया पर हिंदुस्तान का अर्थ तो बहुत ही घृणित है >देखे इस शब्द का अर्थ >>ये फारसी है और आप खुद गूगल में लिखो >हिन्दू का अर्थ क्या है >>>ये ही आयेगा >>(22) स्वतंत्रता के बाद किसी ने ‘-
    शब्द कोश व भारतीय संस्कृति को संभालने की कोशीष ही नहीं की
    - शब्द कोषों में साफ लिखा है कि -हिन्द -हिंदी -हिन्दू -हिन्दुस्थान आदि फारसी -शब्द है ।
    शब्दकोषों में रामकृष्ण वर्मा 1950 के शब्द कोष के पेज 1193 ।
    डॉ. हरदेव बाहरी के शब्द संस्करण 2008 के पेज 878-879 देखे।
    -
    हिंदुस्तान -पुं ० [फा ० हिन्दोस्तान ]१.
    भारतवर्ष ।२.दिल्ली से पटने तक का
    भारत का उतरीय और मध्य भाग ।
    -----------------------------------------
    हिन्दू -पुं ० [फा०] [भाव० हिन्दूपन ,हिंदुत्व ]
    भारतीय आर्यों के वर्तमान भारतीय
    वंशज,
    (आर्यों के वंशज हिन्दू कैसे हो गए ???सभी जतियों के वंशज उसी जाति के होते है)
    जो वेदों ,स्मृति ,पुराण आदि को
    अपने धर्म-ग्रन्थ मानते हैं |
    (22) फारसी -उर्दू शब्द कोशों में हिन्दू का अर्थ बताया है -गुलाम -आज्ञाकारी नौकर-डाकू -चोर -राहजन आदि आदि।
    (23)आगे ‘काला’ और ‘दास’ संकलन में फारसी और उर्दू भाषा के शब्द कोष यह वर्णन करते है । भारत के आर्यों को गुलाम व मुसलमान बना लिया।
    1.फारसी भाषा का शब्द कोष -> ल्युजत-ए-किषवारी, लखनऊ 1964 में चोर, डाकू, राहजन, गुलाम, दास।
    2.उर्दू>फिरोजउललजत-प्रथम भाग पृ. 615, तुर्की में चोर, राहजन, लूटेरा, फारसी गुलाम, दास, बारदा (आज्ञाकारी नौकर),
    3. शियाकाम में (काला) 4. परसियन - पंजाबी (डिक्सनरी) शब्द कोष (पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला) में भारतीय उपमहाद्वीप के निवासी, डाकू, राहजन, चोर, दास, काला, आलसी।
    5. पेज 376 भार्गव शब्द कोष बारवां संकलन 1965 भी देखे)
    (24) हिन्दू न ही हमारा -शब्द है न ही हमारी जाति है न ही हमारा धर्म है । यह सत्य है।
    (25) हमारा धर्म है -सनातन !-जो प्राचीन से प्राचीन है -जिससे बाद के सभी धर्म प्रेरित-प्रभावित हुए है ।
    जो लोग सिधु से हिन्दू बने >>देखो >>>लाला लाजपत राय ने अपने परिचय में - महर्षि दयानन्द के लाहौर 1898 के परिचय के बारे में कहा: लेखक के अनुसार कुछ लोग कहते है कि हिन्दू है जो कि सिन्धु का बिगड़ा हुआ नाम है लेकिन यह गलत है। परन्तु सिन्धु एक नदी का नाम है। किसी समुदाय का नाम नहीं है । यह सही है कि यह नाम असली आर्यन जाति को दिया गया है जो कि इस क्षेत्र में मुस्लिम आक्रान्ताओं द्वारा अपमानित करने के लिए इस नाम से पुकारी जाती थी। फारस में लेखक हमारे लेखक कहते है इस शब्द का तात्पर्य ‘दास’ है और इस्लाम के अनुसार वो सारे लोग जिन्होंने इस्लाम को नहीं अपनाया था उनको दास बना दिया गया।>>>> हिन्दू शब्द का अर्थ ही अपमानजनक है तो हिन्दू धर्म कैसा >>>>>29 अगस्त 2014 को डॉ नजमाहेपतुल्ला(तत्कालीन मंत्री )ने कहा >हिन्दू का अर्थ अपमानजनक है >आप खुद देख लो |>>>>>सिन्धु ???
    सिन्धु से हिन्दू बने है >>>>क्योंकि स का अपभ्रंश हो गया >चलो मान लेते है स का ह हो गया >तो फिर ह से भी =हिन्धु हुआ >>जबकि हिन्दू शब्द है
    स को यदि ह इस्लामिक आक्रमणकारी बोलते थे तो >>>>>
    <<<<
    सलीम को हलीम बोलते>पर ऐसा नहीं है <
    ये एक कुतरक है
    >>>>>>>अब दूसरी बात >>>
    इन्दु से हिन्दू हुआ है
    इन्दु चंद्रमा का संस्कृत नाम है >>चंद्रमा के नाम से इन्दु सरोवर बना है जिसे हिन्द महासागर बना दिया
    हिन्द फारसी शब्द है और hind अंग्रेजी शब्द है और इसका अर्थ भी >>>>अपमानजनक है>>>
    इन्दु से हिन्दू यानि इ का लोप होना और ह को बोलना >>
    कमाल की सोच और विद्वता है डॉ की पदवी लेने वालो की >
    कभी कहते है इससे हिन्दू बना है कभी कहते है इससे हिन्दू बना है
    यानि 2+2 = 5 ही होते है
    जबकि संस्कृत भाषा ,देवनागरी भाषा और सनातन के शास्त्र कह रहे है हिन्दू हमारा शब्द नहीं है
    >>>>शब्द कोश कहते है हिन्दू शब्द फारसी है >>>>तो फारसी भाषा के शब्द कोश संभालो >>पर नहीं फारसी भाषा के शब्द कोश नहीं संभालेंगे
    जबकि फारसी भाषा के शब्द कोश कहते है हिन्दू शब्द फारसी है।>
    हिन्दू का अर्थ बताया है >>गुलाम ,नौकर ,चोर ,डाकू आदि
    और आगे काला संसकरण में साफ कहते है इस्लाम ने भारत के आर्यों को आधों को गुलाम और आधों को धर्म परिवर्तन करवाकर मुसलमान बना लिया है
    आर्य संस्कृति सनातन धर्मेव जयते! ॐ तत्सत! > भगवान प्रजापति ,संपादक >पाक्षिक ,खेजड़ा एक्सप्रेस ,अधिष्ठाता ,प्रकृति शक्ति पीठ ,आर्यावर्त भारत
    917737957772

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  2. हिन्दू का अर्थ ये है >>>(22) फारसी -उर्दू शब्द कोशों में हिन्दू का अर्थ बताया है -गुलाम -आज्ञाकारी नौकर-डाकू -चोर -राहजन आदि आदि।
    (23)आगे ‘काला’ और ‘दास’ संकलन में फारसी और उर्दू भाषा के शब्द कोष यह वर्णन करते है । भारत के आर्यों को गुलाम व मुसलमान बना लिया।
    1.फारसी भाषा का शब्द कोष -> ल्युजत-ए-किषवारी, लखनऊ 1964 में चोर, डाकू, राहजन, गुलाम, दास।
    2.उर्दू>फिरोजउललजत-प्रथम भाग पृ. 615, तुर्की में चोर, राहजन, लूटेरा, फारसी गुलाम, दास, बारदा (आज्ञाकारी नौकर),
    3. शियाकाम में (काला) 4. परसियन - पंजाबी (डिक्सनरी) शब्द कोष (पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला) में भारतीय उपमहाद्वीप के निवासी, डाकू, राहजन, चोर, दास, काला, आलसी।
    5. पेज 376 भार्गव शब्द कोष बारवां संकलन 1965 भी देखे)
    हिंदुस्तान का अर्थ गुलामस्तान हुवा >>ये सच ही ही है >>बाबर एक डाकू था ,हिन्दू था ,उसने भारत के गद्दारों के साथ मिलकर भारत को लूटा >भारत को हिंदुस्तान बनाया और भारत के आर्यों को हिन्दू यानि गुलाम बनाया और आधे आर्यों को धर्म परिवर्तन करवाकर मुसलमान बनाया >जबकि भारत के पटना और दिल्ली के उतर मध्य भाग को ही हिंदुस्तान कहा है क्योंकि उस समय मुगलों का यहाँ तक अधिकार था वे दक्षिण तक नहीं पहुंचे

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  3. भारत के चार नाम है >>>1>भारत में आर्य रहते थे तो इस भूभाग यानि ईरान से लेकर नेपाल से आगे तक को आर्यावर्त कहा जाता था >>जो आज भी पूजा के समय आर्यावर्त जम्बोद्वीप नाम लेते है !
    >2> शकुन्तला का पुत्र बहुत ही बड़ा योद्धा था !इसलिए इसे भारत वर्ष कहते है !
    >3>इस्लामिक आक्रमणकारियों ने भारत पर कब्जा किया और भारत के आर्यों को गुलाम बनाया और कुछ को तलवार के बल से धर्म परिवर्तन कराया व आरक्षण यानि जज़िया कर से मुक्त होने के लोभ से भी धर्म परिवर्तन किया । जो लोग बहादुर थे यानि हमारे पूर्वजों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया ,जज़िया कर देना स्वीकार किया ,कुछ मर मिट गए पर धर्म परिवर्तन नहीं किया ये सोचकर समय आ जाएगा >समय आया ही नहीं 600 वर्ष इसलाम ने शासन किया
    >4>तत्पश्चात अँग्रेजी डाकुओं ने हिंदुओं ने भारत पर कब्जा करके भारत का नाम india कर दिया ।
    अब बताओ दुश्मन कभी अच्छे नाम देते है क्या ?ये सोचो
    और
    सनातन धर्म संस्कृति के घटकों -स्रोतो को लुप्त होने से बचाने का संकलप लेकर महाभियान शुरू करे

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  4. आओ आर्यावर्त भारत के सनातन धर्म संस्कृति के>
    घटकों –स्रोतों को बचाने का यज्ञ करें !
    >1> ॐ ही सृष्टि रचियता है उसे वर्णमाला का बड़ा ऊँ अशुद्ध लिखा जाने लगा है।
    1चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि रचना का दिन है! 2 सनातन धर्म का नवदिवस है।
    3 विक्रम संवत का नव दिवस है
    इन तीनों लुप्त करके चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिन्दू धर्म का हिन्दू नव दिवस करने का षडयंत्र
    >बताओं हिन्दू शब्द कौनसे शास्त्र में है और हिन्दू धर्म का प्रवर्तक कौन है।
    जबकि >हिन्दू फारसी शब्द है >इसका अर्थ >गुलाम ,नौकर आदि ही है
    (विश्वास नाही है तो आपने शास्त्र व शब्द कोष संभालो >गूगल में लिखो हिन्दू का अर्थ क्या है >जो गूगल कहेगा वही खेजड़ा एक्सप्रेस वर्षों से कहा रहा है
    >आर्यावर्त भारत के आर्यों को हिन्दू व मुसलमान बना दिया।
    >आर्यावर्त भारत को हिन्दुस्तान व इण्डिया बना दिया।
    > हस्तिनापुर/इन्द्रप्रस्थ को दिल्ली बना दिया।
    सब जातियों की पूर्व जाति कुम्हार/प्रजापति को कुमावत बनाया जा रहा है।
    >अष्टांग योग की पहचान उछल-कुद को योग बताया जा रहा है।
    >गीता का घोर अपमान हर मंदिर ,कथावाचन आदि हर आध्यात्मिक काम में हो रहा है
    अब बताओ हमारी मूल पहचान क्या है?
    हम कौन है? हमारे पूर्वजों की संस्कृति क्या है? हमारे पूर्वज कौन हैं? आदि! आदि की पहचान समाप्त करके हमें संस्कृति की जड़ों से काटा जा रहा है।
    हम पिछले 30 वर्षों आर्य संस्कृति सनातन धर्मेव जयते पर काम कर रहे है
    हमने जो अकाट्य साक्ष्य सत्य से सत्य की खोज से प्राप्त किये हैं उसे समझकर उजागर किए है ताकि सनातन धर्म संस्कृति को समझकर सनातन धर्म संस्कृतिकी अक्षुण्ण्ता के महायज्ञ में शामिल हो जावे ।
    इसी विश्वास के साथ।
    एक बात और जो लोग आज चाणक्य को न समझकर राष्ट्रीय मानवीय सनातन धर्म संस्कृति के साथ गद्दारी कर रहे हैं वे आने वाले समय में जयचन्द की तरह सनातन धर्म संस्कृति के इतिहास में होंगे।
    (संसार में सभी जातियों के वंशज उसी जाति के हैं। भारत में आर्यों के वंशज हिन्दू –मुसलमान क्यों?
    सत्य तो सत्य ही होता है जो सदियो धूल -पत्थरोंमें दबा रहकर भी बाहर आ ही जाता है
    ---------------------------------------------------------------------------------------
    आओ सुसंस्कारित करने के लिए नकारात्मक ऊर्जा के शब्दों पर प्रतिबन्ध लगाने की प्रक्रिया शुरु कराने का अभियान भी शुरू करें >>शब्द में शक्ति है >>जैसे पहले ब्रह्मचर्य की शिक्षा का शब्द था >अब योनाचार की शिक्षा का शब्द प्रचलित हुवा है ,जिससे चारों ओर योनाचार का तांडव होने लगा है
    अत पुन ब्रह्मचर्य की शिक्षा का शब्द प्रचलन में लाने का सरकार को निवेदन करें और इसके अलावा भी कई नकारा ऊर्जा के शब्द है जो अशांति ,भ्रष्टाचार आदि की नकारा ऊर्जा बढ़ा रहे है ,देश के विकास में भी बाधक है
    ....सत्य -सदियों-धूल-पत्थरों से दबा रहकर भी बाहर आ जाता है।
    प्रजापति भगवान –अधिष्ठाता, प्रकृति शक्ति पीठ,
    संपादक >खेजड़ा एक्सप्रेस,बीकानेर ,917737957772
    शुद्ध ॐ की व्याख्या बताएँगे तो आप चौंक जाओगे ,
    खोटे ॐ की व्याख्या तो अनेकों ने की है,
    https://www.facebook.com/photo.php?fbid=818459964981681&set=a.122352747925743.23245.100004530542111&type=3

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  5. गैरो मे कहाँ दम था,
    जो BHARAT को मिटा सके !
    हमें तो अपनो ने धोखा दिया,
    BHARAT को India बना दिया !!

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  6. भारत का कुछ नहीं बिगाड़ा,
    दुशमन की तलवारों ने !
    भारत को बर्बाद किया,
    भारत के गद्दारो ने !!
    Say BHARAT now

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  7. Promot to
    "BHARAT"
    National and International Level.

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धन्यवाद