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29 March 2016

कैसे चीन ने सरकार को धमका कर SEZ ( Special Economic Zone ) के तहत भारत में औद्योगिक पार्क स्वीकृत करवाए है ?

आम हिन्दूस्तानी की आवाम को सरकार ने धमकी में आ कर SEZ ( Special Economic Zone ) के तहत   " मेक इन इण्डिया "  जैसा लुभावना नारा दे  बेवकूफ बनाया। 

कितने लोग है जिन्हे बैंक से प्रधानमंत्री स्वंय रोजगार योजना के तहत लोन आसानी से मिला हो। 
सवाल है -  क्यों नहीं लोन मिला आज तक जिन्होने आवेदन किया ?  क्यो नहीं कार्यवाही की आज-तक उन बैंक के अधिकारीयों के खिलाफ ?
  • चीन ने अरुणाचल को चीन का हिस्सा दिखाने वाला नक्शा जारी किया और मोदी से औद्योगिक पार्क भारत में स्वीकृत करवा लिए ।
  • इनका आकार 100 एकड़ से 1000 एकड़ होगा ।
  • इन चाइनीज़ पार्को में यातायात, परिवहन, बिजली, पानी आदि के लिए भारतीय नियम नहीं  बल्कि  चाइनीज़ नियम  लागू होंगे।
  • लेबर लॉ,  PF लॉ (Employees ‟ Provident Fund Scheme),  एक्साइज़ ड्यूटी,  LBT (Local Body Tax) ,  कस्टम,  VAT (value-added tax)  आदि कर इन पर लागू नही होंगे ।
  • इन कम्पनियों को 30% आयकर नही देना होगा । 

भारतीय कम्पनियों , व्यापार को क्या होगा नुकसान
  • हमारी देशी कम्पनियो को ये सब कर चुकाने होंगे और वो लागत बढ़ने से मार्केट से बाहर हो जायेगी ।
  • चाइनीज़ हमारे यहाँ का कच्चा माल और सस्ता लेबर उपयोग कर के भारत के बाज़ार में अकल्पनीय माल डंप कर देंगे और उन्हें भारी मुनाफा होगा ।
  • इस मुनाफे का हमे  डॉलर  में भुगतान करना होगा ।
क्या यह हिन्दूस्तानीयों के खिलाफ छल नहीं है ?

अनुमति देने के कारण -
यदि मोदी सरकार चीनियों को ये पार्को की अनुमति नही देता है तो चीन पाक और श्रीलंका को बड़े पैमाने पर हथियार देकर Two front war में भारत को घसिटेगा और खुद अरुणाचल में घुसपेठ करेगा, और आंतरिक स्तर पर हमले करने के लिए बांग्लादेशी घुस्पेठियो और नक्सल समूहों को हथियार देगा।
भारत के पास इस Four front war से निपटने के लिए सेना तो है पर सेना के पास हथियार नही है । इस दबाव के चलते मोदी उर्फ नमो को चाइनीज़ कम्पनियों को अनुमति देनी पड़ी ।

ऐसा पूर्व में भी हो चुका है
  • वाजपेयी ने बीमा में FDI (Foreign Direct Investment) की अनुमति नही दी थी ।
  • पोखरण -2 किया था।
  • CTBT (Comprehensive Nuclear-Test-Ban Treaty) पर टालमटोल की थी।
फलस्वरूप CIA (Central Intelligence Agency) ने  पाकिस्तान की फौजों को कारगिल भेजा।
  • CIA ने भारत को लेसर गाइडेड बम नही दिए और भारत के बोफोर्स के गोलों की सप्लाई रुकवा दी ।
  • भारत को CIA के सामने घुटने टेकने पड़े और शर्ते  माननी पड़ी ।
 यह आम हिन्दूस्तान वासीयों को क्यों नहीं बतलाया गया ?

शर्तो के अनुसार
  • वाजपेयी सरकार बीमा में , इलेक्ट्रोनिक मिडिया में FDI की अनुमति देगा।
  • CTBT को संसद मे पास करेगा ।
  • CIA वाजपेयी की छवी चमकाने के लिए फोर लेन  बनाने के लिए लोन देगा। आैर आम आदमी की जेब पर भार डाल देश की आवाम के साथ धोखा किया।
  • वाजपेयी को उसका कार्यकाल पूरा करने दिया जाएगा ।

( ज्ञातव्य है कि - पोखरण -2 करने पर सुब्र्ह्मनियम स्वामी ने जयललिता पर भ्रष्टाचार के केस फ़ाइल किये और CIA ने हाईकोर्ट को दबाव में लेकर अम्मा को जेल में डलवा दिया।  फिर जया को सरकार गिराने के लिए धमकाया गया ।  अम्मा ने वाजपेयी की सरकार गिराई )

इन शर्तो पर समझोता होने पर CIA ने हमे 15 के करीब लेसर गाइडेड बम दिए और हमने कारगिल जीता ।

यही किस्सा फिर से दोहराया जा रहा है क्योंकि हमारी सेना के पास हथियार नही है । और इस के लिए कांग्रेस-भाजपा बराबर के दोषी है , इन्होंने कभी सेना मज़बूत करने के लिए क़ानून नही बनाए न ही तकनीक उन्नत करने के कानूनों पर संसद में कभी एक शब्द बोले । 

हम क्षेत्रीय पार्टियों को दोष नही देंगे क्योकि इन क्षेत्रीय पार्टियों के लिए रक्षा और तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा करना टाइम वेस्ट करना है । ये सब केन्द्रीय सरकारों के मुद्दे है ।

10 साल से देश की प्रमुख पार्टिया साम्प्रदायिकता, महंगाई, भ्रष्टाचार, प्याज, आलू , सड़क आदि मुद्दों पर जनता का टाइम आैर धन वेस्ट कर रही है जबकि दुश्मन अपनी सेना मज़बूत कर रहा है । 

भयावह तथ्य यह है कि -  
  • हमारी सीमाए टूट जाती है तो नागरिको के पास अपनी रक्षा करने क लिए सब्जी काटने के चाकू और नेल क़टर के सिवा कुछ भी नही है
  • भारत के नागरिको के पास लगभग 4 करोड़ पिस्तोल है पर उनमे से अधिक तर देशी कटटे है और AK – 47 नगण्य है ।
  • जबकि पाकिस्तान के 4 करोड़ नागरिको के पास पिस्तौल है जिसमे से लभग 1 करोड़ AK – 47 है ,  और कार्बाइन आदि है । ऐसे में भारत की बोर्डर टूटने से पाक फ़ौज, और आतंक वादी समूह और बलवाई नागरिक बड़े पैमाने देश में घुस कर नर संहार, बलात्कार, तोड़फोड़ और हमारे संसाधनों पर नियंत्रण कर सकते है ।
  • अरुणाचल और पूर्वोत्तर राज्य चीन ले लेगा । बंगाल का विलय बांग्लादेश में हो जाएगा , तमिलनाडू में लंका बड़े पैमाने पर रक्तपात करेगा , पंजाब और कश्मीर पर पाक कब्ज़ा कर लेगा या कश्मीर को चीन और पाक बाँट लेंगे। 
  • ये सब होने के बाद CIA भारत की मदद को आएगा और शेष भारत पर उसकी फ़ौज नियंत्रण कर लेगी । ताकि यहाँ पर शान्ति स्थापित की जा सके ।  
ज्ञात होगा की इन दिनों चीन पाकिस्तान में सडक आैर समुंद्र में अपनी गतिविधिया तेज कर रहा है।

समाधान : 
देश को इस प्रकार तबाह होने  से बचाने के लिए प्रजा अधीन राजा समूह ने कुछ क़ानून प्रस्ताव किये है, जिनसे हम नागरिक 90% भारत को बचा सकते है ।
जिन लोगो को विश्वास है कि ऐसा कुछ भी नही होगा और मोदी सबको बचा लेंगे, हमारी सेना के पास खूब हथियार है , आदि आदि .... तो आप विश्वास करना चाहे तो किसी पर भी कर सकते है । कोई किसी को खुश-फहमी पालने से रोक नही सकता ...........
लेकिन यदि आप यह मानते है कि जो अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया, ईराक, वियेतनाम आदि में हुआ वो भारत में भी हो सकता है।

उपाय यह हो सकते है -  
  • परमाणु , जैविक, रासायनिक हथियारों को छोड़कर अन्य सभी हथियारों के निर्माण को लाइसेंस मुक्त किया जाए। ताकि Ak- 47, Ak – 56, क्लास्निकोव, कार्बाइन, मशीन गन, पिस्तौल, रायफल, हेंड ग्रेनेड, आदि आसान हथियारों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो सके ।  
  • हथियार रखने का लाइसेंस की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से 15 दिन में निपटाने का क़ानून बने ।  
  • रक्षा बजट के लिए संपत्ति कर तथा विरासत कर  लागू किया जाए ।
  • स्कूल कोलेज में हथियार चलाने का प्रशिक्षण अनिवार्य हो ।
  • अन्तराष्ट्रीय सीमा पर स्थित राज्यों में सभी नागरिको को हथियार रखना अनिवार्य हो ।  
  • सरकार हथियारों के महत्त्व और राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन एवं प्रचार अभियान चलाये ।


मैं देश नही झुकने दूंगा के बयान देने वाली सरकार "मोदी" को क्या हो गया ?   क्यों  घुटने टेके एक महीने के भीतर ?   FDI से तकनीक आएगी , इस बयान का तो अर्थ हुआ  कि - हम कह रहे है  ” भारत की औकात नही है तकनीक पैदा करने की”      

भारत के पास जल जंगल जमीन धूप समंदर खनिज और करोडो युवाआें की शक्ति है ।  हम क्यों उधारी विकास के लिए आज़ादी बेचे ? भारत में दम है अपनी तकनीक पैदा करने की । 

लेकिन जनता को भांग पिला दी गयी है , सिर्फ जन आन्दोलन ही देश को बचा सकता है । 

झूठे वादे दिलासे दे करोडो हिन्दूस्तानियों के साथ छल - कपट कर रहे है जानते हुए फिर भी वोट देने जाते है हम लोग ।। 
सडक नुक्कड चाय -पान की दूकान पर हम बकवास कर लेगे परन्तु लिखने का जब समय आता है तो कहते है यार टाईम कौन खराब करे।


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