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13 December 2015

लादा महादेव टंगरा, जहाँ चट्टान को छूने से रिसता है।

भारत भूमि पर भगवान के अनेक अवतार हुए हैं ! उनका उद्देश्य मानव को सत्य का संदेश देना था ! भारत भूमि के कई तीर्थों में ऐसी विशेषताएं पाई जाती हैं जिनका संबंध उन अवतारों से रहा है ! भले ही आज का विज्ञान उन्हें सहज रूप में स्वीकार नहीं करता लेकिन इससे श्रद्धा की डोर कभी कमजोर नहीं हुई !

ऐसा ही एक मंदिर झारखंड में स्थित है ! कहा जाता है कि यहां भगवान श्रीराम और मां सीता के पदचिह्न हैं ! यह मंदिर झारखंड की राजधानी रांची से करीब 20 किमी की दूरी पर स्थित एडचोरो नामक स्थान पर है !

यहां एक पहाड़ पर भगवान शिव का मंदिर है, इसे श्रद्धालु लादा महादेव टंगरा कहते हैं ! मंदिर में एक प्राचीन चट्टान है,  भगवान शिव का स्मरण कर इस चट्टान पर हाथ फेरा जाए तो यहां से पानी निकलने लगता है !

पास ही एक पत्थर पर अत्यंत प्राचीन पदचिह्न बने हुए हैं, ये रामायण कालीन पदचिह्न हैं ! वनवास के दौरान एक बार भगवान श्रीराम और सीताजी यहां आए थे ! ये चिह्न उनके ही हैं ! इतने वर्षों में यहां असंख्य श्रद्धालु महादेव के दर्शन करने आ चुके हैं ! साथ ही वे श्रीराम-सीता के पदचिह्नों के भी दर्शन करते हैं ! वे उन्हें स्पर्श कर नमन करते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए प्रार्थना करते हैं !

इस प्रकार शिव का यह धाम श्रीराम का स्थान भी माना जाता है ! यहां श्रावण मास, सोमवार, शिवरात्रि और रामनवमी के अवसर पर काफी भीड़ रहती है !

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