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18 July 2015

सरकार में आैर सरकारी पदो पर बैठ कर ये तलवे क्यों चाट रहे है ?

 हिन्दुस्तान में हिन्दुआें के साथ ही कमीनापन कर रही है सरकार आैर सरकारी पदो पर बैठे अफसर ....

1.  मुसलामानों को करोडो की हज सबसिडी ,  अमरनाथ यात्रा पे जजिया क्यों।

2.  गाय के कत्लखानों को सबसिडी,  गौशाला पर  टैक्स क्यों।

3.  मस्जिद और मदरसों कों मुफ्त जमीन, बिजली और अनुदान,   मंदिरो का चढावा सरकारी खजाने में  क्यों।

4.  दिवाली के पटाखो पर प्रतिबंध , नवरात्रे में डी.जे पर पाबंदी, नमाज के लाउडस्पीकर को छूट क्यों।

5.  बांग्लादेशी मुस्लिम को राशन-कार्ड , पाकिस्तानी हिन्दु को नहीं क्यों।

6.  हिन्दू त्यौहार पर बिजली पानी की कटौती क्यों।

7.  मस्जिद के इमामों को भत्ता , मंदिर के पुजारियों को इनकार क्यों।

8. पशु क्रूरता अधिनियम के नाम पर न्यायपालिका और सरकारें बलि प्रथा को बंद करवा देती हैं , तो  हलाल के नाम पर चुप क्यों ? 

पशु के साथ क्रूरता तो हलाल के नाम पर होती है, तब क्या न्यायपालिका और सरकार की पेंट गीली हो जाती है ? 

यदि बलि प्रथा बंद तो हलाल भी बंद हो ।

क्या हिन्दू समाज पर ही कानून का डंडा चलता है ?

कारण 


  • स्पष्ट है हिन्दुआें को जाति में बाट दिया। अब समय है की सबको सिर्फ अपने आप को हिन्दू कहना होगा।
  • अधिकार मांगने पर जूते का जोर दिखाने की जरुरत है लिखापढी आैर भुख हडताल जेसे से ये डरते नहीं है।


सरकारे हर तरह से लुट कर टैक्स  के रुप में पैसे लेती है आैर ये नेता उसे सेक्युलरिजम के नाम पर मुसलमानो में बाटते है।।

जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बडे खतरा है, मात्र वोट बैंक के लालच में अपनी मां बहन करवाते है।।
क्या ये मुस्लिम वोटो से ही जीतते है ???

1947 से लेकर आज तक जितने भी हिन्दू- मुसलिम दंगे हुए हैं आैर आजतक जो दंगे हो रहे है उन सबकी शुरूआत कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा ही की गई।

भारत में अत्याचारी बाबर से लेकर कातिल औरंगजेब तक और औरंगजेब से लेकर आज तक हिन्दूओं का कत्लेआम ही मुसलमानों का इतिहास है।
जब ये नेता हमारे दिये वोटो से जीतते है तो कोई भी काम के लिए जनता से क्यों नहीं पुछते है ????

है कोई जवाब है कोई उपाय ?????

क्यों क्यों क्यों क्यों  .................................

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